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क्रिकेट पिच रिपोर्ट कैसे पढ़ें (और फैंटेसी में कैसे इस्तेमाल करें)

· 4 मिनट में पढ़ें

मैच के दौरान क्रिकेट स्टेडियम, जिसमें आउटफील्ड के बीच पिच वाला हिस्सा दिख रहा है
इस पेज पर
  1. पिच रिपोर्ट में क्या देखा जाता है
  2. चार तरह की पिच और किसे कौन-सी रास आती है
  3. तीन बातें जो पिच रिपोर्ट नहीं बताएगी
  4. रिपोर्ट से टीम कैसे बनाएं
  5. एक उदाहरण
  6. कमेंटेटरों के शब्दों का मतलब
  7. पिच और फॉर्मेट साथ-साथ
  8. पिच की जानकारी कहां मिलेगी
  9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

टॉस से आधा घंटा पहले एक कमेंटेटर मैदान के बीच पहुंचता है, पिच को अंगूठे से दबाकर देखता है और बताता है कि मैच कैसा रहने वाला है। फैंटेसी खिलाड़ी के लिए दो मिनट की यह पिच रिपोर्ट दिन की सबसे काम की जानकारी है — बशर्ते आपको उसे पढ़ना आता हो।

पिच रिपोर्ट में क्या देखा जाता है

  • घास। पिच पर हल्का हरापन हो, तो गेंद टप्पा पड़ने के बाद सीम से हरकत करेगी। पिच पर घास न हो और वह भूरी दिखे, तो ऐसा नहीं होगा।
  • पिच कितनी सख्त है। सख्त पिच पर उछाल भरोसेमंद रहता है और गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है। नरम पिच धीमी होती है।
  • दरारें और सूखापन। सूखी, दरारों वाली पिच टूटने लगती है और स्पिन को मदद देती है; मैच जितना आगे बढ़ता है, मदद उतनी बढ़ती जाती है।
  • नमी। नम पिच शुरुआत में सीम गेंदबाज़ों की मदद करती है और सूखने के साथ बल्लेबाज़ी के लिए आसान होती जाती है।
  • बाउंड्री का साइज़। स्क्वेयर बाउंड्री छोटी हों, तो बल्ले पर ठीक से न आई गेंद भी छक्के के लिए चली जाती है।

चार तरह की पिच और किसे कौन-सी रास आती है

पिचकैसी खेलती हैफैंटेसी में किसे चुनें
सपाट और सख्तभरोसेमंद उछाल, कम हरकत, बड़े स्कोरटॉप ऑर्डर के बल्लेबाज़; डेथ ओवर में विकेट लेने वाले गेंदबाज़
हरीसीम और स्विंग, खासकर शुरुआत मेंनई गेंद के तेज़ गेंदबाज़; गेंद की चमक उतरने के बाद आने वाले बल्लेबाज़
सूखी और टर्न लेतीस्पिनरों को ग्रिप और टर्न, रन बनाना मुश्किलस्पिनर; स्पिन के अच्छे खिलाड़ी माने जाने वाले बल्लेबाज़
धीमी और नीची रहने वालीगेंद बल्ले पर नहीं आती; टाइमिंग मुश्किलकटर डालने वाले गेंदबाज़ और स्पिनर; बड़े हिटर नहीं, टिककर खेलने वाले बल्लेबाज़

तीन बातें जो पिच रिपोर्ट नहीं बताएगी

1. मौसम

बादल और उमस गेंद को हवा में स्विंग कराने में मदद करते हैं, पिच चाहे जैसी हो। घने बादलों के नीचे सपाट पिच पर भी ओपनरों को कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। बारिश से मैच छोटा हो सकता है, और छोटे मैच में टॉप ऑर्डर की अहमियत बढ़ जाती है।

2. ओस

शाम के मैचों में दूसरी पारी के दौरान ओस पड़ सकती है। गेंद गीली हो जाती है, स्पिनरों के लिए उसे पकड़ना मुश्किल होता है और बल्लेबाज़ी आसान हो जाती है। जब ओस की संभावना हो, तो कप्तान पहले गेंदबाज़ी चुनते हैं — और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के बल्लेबाज़ों की अहमियत बढ़ जाती है।

3. मैदान का इतिहास

उस मैदान के हाल के मैच देखें। अगर पहली पारी के स्कोर लगातार बड़े रहे हैं, तो बल्लेबाज़ों पर भरोसा करें। अगर बाद में बल्लेबाज़ी करने वाली टीमें जीतती आ रही हैं, तो मानकर चलें कि टॉस जीतने वाली टीम पहले फील्डिंग करेगी।

रिपोर्ट से टीम कैसे बनाएं

  1. तय करें कि मैच किस तरह का है: बड़े स्कोर वाला, छोटे स्कोर वाला, या ऐसा जो पहले दस ओवर के बाद बदल जाता है।
  2. टीम का संतुलन उसी तरफ झुकाएं। बल्लेबाज़ी वाली पिच पर एक अतिरिक्त बल्लेबाज़ लें; गेंदबाज़ों की मददगार पिच पर उस किस्म का एक अतिरिक्त गेंदबाज़ लें जिसे वह पिच रास आती है।
  3. कैप्टन उसी ग्रुप से चुनें जिसे पिच से मदद मिल रही है। स्पिनर को कैप्टन बनाना सिर्फ टर्न लेती पिच पर ही ठीक बैठता है।
  4. टॉस का इंतज़ार करें। कौन पहले बल्लेबाज़ी कर रहा है, यह पता चलते ही समझ आ जाता है कि किस टीम के ओपनरों को हालात का सबसे ज़्यादा फायदा मिलेगा।

एक उदाहरण

मान लीजिए रिपोर्ट कहती है: सूखी पिच, कुछ दरारें, धीमी आउटफील्ड, मैच शाम को शुरू होगा और ओस की उम्मीद है। यानी पहली पारी में यह पिच स्पिन की है और दूसरी में बल्लेबाज़ी की। समझदारी से बनी टीम पहले गेंदबाज़ी करने वाली टीम के स्पिनरों और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के टॉप ऑर्डर पर टिकी होगी — और उस स्पिनर से बचेगी जिसे गीली गेंद से गेंदबाज़ी करनी है।

कमेंटेटरों के शब्दों का मतलब

शब्दमतलबआपकी टीम के लिए
“बेल्टर” / “रोड”सपाट, सख्त, रनों से भरीबल्लेबाज़ ज़्यादा रखें
“ग्रीन टॉप”घास छोड़ी गई है; सीम मूवमेंटनई गेंद के गेंदबाज़
“टू-पेस्ड”कुछ गेंदें तेज़ी से आती हैं, कुछ रुककरटाइमिंग मुश्किल — कटर डालने वाले गेंदबाज़ और स्पिनर
“टैकी”हल्की नमी; गेंद पिच पर ग्रिप करती हैशुरू में धीमे गेंदबाज़, बाद में बल्लेबाज़ी आसान
“स्क्वेयर टर्न होगी”शुरू से ही तीखा टर्नस्पिनर, और उनमें से एक कैप्टन
“लाइट्स में गेंद स्किड करेगी”शाम को ज़्यादा तेज़ और भरोसेमंददूसरी पारी के बल्लेबाज़

पिच और फॉर्मेट साथ-साथ

  • T20: पिच को बदलने का समय कम मिलता है। पहले छह ओवर में जो दिखता है, मोटे तौर पर पूरी शाम वही रहता है।
  • ODI: सौ ओवर के दौरान पिच धीमी पड़ सकती है। सूखी पिच पर पहले बल्लेबाज़ी करना अक्सर फायदे का सौदा होता है।
  • टेस्ट: पांच दिन में पिच टूटती जाती है, इसलिए बाद की पारियों में स्पिनरों की अहमियत बढ़ जाती है।

पिच की जानकारी कहां मिलेगी

  • प्रसारण में आने वाली पिच रिपोर्ट, मैच शुरू होने से करीब तीस मिनट पहले।
  • टॉस के समय कप्तानों की बातें — वे बताते हैं कि उन्हें क्या उम्मीद है और उन्होंने बल्लेबाज़ी या गेंदबाज़ी क्यों चुनी।
  • उसी मैदान पर हुए हाल के मैचों के स्कोरकार्ड।

पिच को पढ़ना और फॉर्मेट को समझना साथ-साथ चलता है। टर्न लेती पिच बीस ओवर के मुकाबले पचास ओवर के मैच में ज़्यादा मायने रखती है; ऐसा क्यों है, यह T20 बनाम ODI फैंटेसी क्रिकेट वाले हमारे लेख में समझाया गया है। और एक बार हालात समझ आ जाएं, तो कैप्टन का चुनाव अक्सर अपने आप हो जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्रिकेट में पिच रिपोर्ट क्या होती है?

मैच से पहले पिच का छोटा-सा आकलन: उस पर कितनी घास है, वह कितनी सख्त और सूखी है, और बल्लेबाज़ों व गेंदबाज़ों के लिए उसका मिज़ाज कैसा रह सकता है।

बल्लेबाज़ी के लिए कौन-सी पिच सबसे अच्छी होती है?

सपाट और सख्त पिच, जिस पर उछाल एक जैसा हो और घास कम हो। गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है और स्कोर आम तौर पर बड़े बनते हैं।

स्पिनरों को कौन-सी पिच मदद करती है?

सूखी पिच, खासकर जिसमें दरारें हों। ऐसी पिच गेंद को पकड़ती है और उसे टर्न कराती है, मैच आगे बढ़ने पर और भी ज़्यादा।

ओस का क्रिकेट मैच पर क्या असर पड़ता है?

शाम के मैच की दूसरी पारी में ओस से गेंद गीली हो जाती है और उसे पकड़ना मुश्किल होता है। इससे स्पिनरों को नुकसान होता है और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के लिए बल्लेबाज़ी आसान हो जाती है।

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